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Friday, November 19, 2021

श्री प्राचीन गुग्गा मांडी शिव मंदिर में बैकुंठी पूर्णिमा के अवसर पर यज्ञ का आयोजन किया गया बतोर यजमान नीना शाही, राजन जिंदल ,आसमा जिंदल पहुंचे

 श्री प्राचीन गुगा माड़ी के पंडित देशराज शास्त्री जी ने इस अवसर पर कहा  कि जिस घर में पांच प्रकार के यज्ञ प्रतिदिन होते हैं वह घर स्वर्ग समान होता है। सर्वप्रथम ब्रह्म यज्ञ जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को प्रात: एवं संध्या में ईश्वर उपासना करनी चाहिए। देव यज्ञ के रुप में पांच तत्व अग्नि जल, वायु, पृथ्वी, आकाश की शुद्धि के लिए अग्नि होना चाहिए। तीसरा यज्ञ अपने घर में बड़े बुजुर्गों की सेवा और


उनसे आशीर्वाद प्राप्त करना है। अपने बुजुर्गों को कभी वृद्धाश्रम में जाने के लिए विवश न होने दें और घर में उनके सम्मान को बनाए रखें। अतिथि यज्ञ के तहत साधु, संत, विद्वानों को अपने घर में बुलाकर यज्ञ करवाना चाहिए और उनके उपदेशों से अपनी नई पीढ़ी को प्रेरित करवाना चाहिए। ऐसा उपकार करने वाले योग्य पुरुषों को वस्त्र दान दक्षिणा देकर विदा करना चाहिए। अंतिम यज्ञ के रुप में शास्त्री जी  ने कहा कि घर में बनने वाले भोजन के समय सबसे पहली रोटी गऊ के लिए बनानी चाहिए और अंतिम रोटी कुत्ता, कौआ, चिड़िया आदि के लिए होनी चाहिए। भारत वह देश है जहां चींटियों को भी खाना खिलाया जाता है और नाग पूजन भी पूजन होता है। इस प्रकार के पांच यज्ञ जिस घर में होते हैं वहां कभी अभाव नहीं होता। कोई झगड़ा या विवाद नहीं होता और कोई बीमारी नहीं आती। इस अवसर पर  कीर्तन मंडली प्रधान पुष्पा बक्शी ,कृष्णा सैणी  ,रमा बक्शी ,दर्शना गोयल, स्नेह रानी, रेखा शर्मा ,सुनीता जिंदल ,गीता जिंदल, कांता बंसल, चांद सूद, ओम शर्मा, मधु गुप्ता ,राज विनायक, उषा सिंगला ,सुदेश ,कैलाश थोर ,प्रवीण शर्मा   रीटा लटावा, मजू बक्शी, प्रीति वर्मा,