निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर श्री प्राचीन गुग्गा माड़ी शिव मंदिर, समराला रोड खन्ना में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए भव्य मीठे जल की छबिल का आयोजन किया गया। इस भीषण गर्मी में राहगीरों और भक्तों को राहत देने के उद्देश्य से लगाई गई इस छबिल का शुभारंभ मंदिर के पुजारी पंडित देशराज शास्त्री जी ने वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजन के साथ किया। पंडित जी ने स्वयं सभी श्रद्धालुओं को ठंडा मीठा जल, इलायची व गुलाब जल युक्त शरबत वितरित कर सेवा भाव का उदाहरण प्रस्तुत किया।
पंडित देशराज शास्त्री जी ने बताया कि निर्जला एकादशी पर जल दान को सर्वश्रेष्ठ दानों में गिना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस तिथि पर प्यासे व्यक्ति को मीठा शीतल जल पिलाने से भगवान विष्णु अति प्रसन्न होते हैं। इससे घर के पितृ दोष शांत होते हैं, परिवार में सुख-शांति आती है, संतान सुख की प्राप्ति होती है और अंततः मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। मान्यता है कि इस दिन जल दान करने वाले को अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य फल मिलता है। गर्मी में जल पिलाना "जल दान महादान" कहलाता है क्योंकि यह न केवल शरीर की प्यास बुझाता है बल्कि जीव की आत्मा को भी शीतलता प्रदान करता है। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा से जल ग्रहण कर पंडित जी से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया और मंदिर परिसर "हर हर महादेव" के जयघोष से गूंज उठा।
